आओ ज़िंदगी की पतंग उड़ाएँ,
खुले गगन में सपने सजाएँ।
भिन्न रंगों की संस्कृति दिखलाएँ,
हर दिल में प्रेम की डोर बँधाएँ।
खुले गगन में सपने सजाएँ।
भिन्न रंगों की संस्कृति दिखलाएँ,
हर दिल में प्रेम की डोर बँधाएँ।
#मकरसंक्रांति और #लोहड़ी की
बधाई और शुभकामनाएं ।
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