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Monday, February 16, 2026

सुर ताल संगीत की लय/ डॉ लाल थदानी

कहीं दूर से पायल की 
छम छम आवाज़ आई 
सुर ने संगीत से कहा 
ताल संभालने मैं आई
कहती रही चिंता मत करो 
तुम हवा मैं पुरवाई
यहां जान पर बन आई 
झंकार दी नहीं सुनाई 
सुर ताल गीत सरगम 
बिन अभ्यास मत छेड़ो भाई 
न अध्यात्म मिला उसे 
और न योग  साधना पाई 
सुर बेसुर तान छेड़ी 
जिसे जैसी  समझ आई
न सुरों का संजोग बना 
न वो सरगम नज़र आई

डॉ लाल थदानी 
#अल्फ़ाज़_दिलसे
10.10.2024
8005529714

Sunday, February 15, 2026

Talent Hunt Iimls / Dr Lal Thadani

 👍🎤💃 🕺🎶
*Nritya Sur Tal Talent Hunt* (Instrumement/Singing/Dance)
🎤💃 *OPEN CONTEST – Song / Dance* 🕺🎶
प्रतियोगिता सभी के लिए खुली है (Female / Male)
     आयु वर्ग एवं प्रवेश शुल्क
आयु       श्रेणी              शुल्क (₹)
A.         4–7 वर्ष             100
B.        8–12 वर्ष           200
C.      13–20 वर्ष          300
D.      21–50 वर्ष          500
E.       51–70 वर्ष.        
F.       71 वर्ष से ऊपर

🔹 चयन प्रक्रिया (हर ग्रुप से)
प्रीलिम राउंड – 20 प्रतिभागी
क्वार्टर फाइनल – 12 प्रतिभागी
सेमी फाइनल – 6 प्रतिभागी
फाइनल – 3 प्रतिभागी

📌 RULES & GUIDELINES
▶️ Preliminary Round
प्रतिभागी को वीडियो भेजना अनिवार्य है
वीडियो में केवल
मुखड़ा + 1 अंतरा
वीडियो स्पष्ट (Clear Audio/Video) हो
कोई एडिटिंग / म्यूज़िक मिक्सिंग नहीं
कैमरा स्थिर (Landscape/Portrait – कोई भी)
▶️ General Rules
1. आयु प्रमाण आवश्यक
2. एक प्रतिभागी केवल एक श्रेणी में भाग ले सकता है
3. अश्लील, आपत्तिजनक या अनुचित सामग्री मान्य नहीं
4. निर्णायकों का निर्णय अंतिम होगा
चयनित प्रतिभागियों को अगले राउंड की सूचना अलग से दी जाएगी

 🏆 *AWARDS & CERTIFICATES*

प्रत्येक आयु वर्ग (A से F) में
🥇 प्रथम विजेता
🥈 द्वितीय विजेता
🥉 तृतीय विजेता
✨ हर प्रतिभागी सम्मान के योग्य है, 
और हर विजेता प्रेरणा का स्रोत। हर प्रतिभागी सम्मानित होगा । मंच पर मिलेगा हुनर का सम्मान

1.🎖️*Participation Certificate for All* Winners will get Trophy 🏆 + Certificate.
Every Participant is a Winner
Your Talent, Your Honour
🌟 विजेताओं को ट्रॉफी 🏆 एवं प्रशस्ति पत्र

🎤 

🌈 English–Hindi Mix (Modern Look)
All Participants will receive Certificate
Final Winners will be awarded Trophy 🏆 + Certificate
Talent Deserves Recognition

💐 Award Ceremony Closing Line
“आज यहाँ विजेता केवल तीन नहीं,
हर वह प्रतिभागी विजेता है जिसने मंच पर कदम रखा।”

✔️संस्था का परिचय Certificate Wording (Content)
✔️ उद्देश्य
✔️ Chief Guest Speech 
✔️समाजोपयोगी कार्य अन्य विवरण🌟

प्रीतम आन मिलो / डॉ लाल थदानी


*प्रीतम आन मिलो*

फरवरी की धूप में भीगी कोई साँस,
मन की देहरी पर उतर आया उजास।
चुप हवा ने छू लिया स्मृति का वन,
पलकों पर फैल गया लाल आकाश।

अनकहे शब्दों का धीमा कंपन,
भीतर जाग उठा अद्भुत अहसास
एक स्पर्श से खुलता बंद मौसम,
रगों में बहने लगता मधुमास।

झंकृत हँसी में झरता भव्य उजाला,
रातों को मिल जाता मधुर प्रकाश।
साथ चले तो राह भी सरगम गाए,
पत्थर में खिल उठे फूल हरित घास।

रिश्ते लिखे नहीं जाते कागज़ पर,
धड़कनों में बसती उनकी प्यास।
चुप्पी भी बोल उठे पास आकर,
साँसों में घुल जाए सुवास।

प्रेम नहीं मांगता शपथ या वादा,
बस चाहता मीठी यादों का वास।
एक नाम धड़कता भीतर गहरे,
जैसे मंदिर में दिए जलाता दास

ये जीवन प्रिये ढाई आखर का सार,
मिलन की चाह दे आत्मिक आभास।
प्रेम ही आरंभ है और प्रेम ही अंतिम,
बाक़ी सब जग का क्षणिक प्रवास।

*डॉ लाल थदानी*
#अल्फ़ाज़_दिलसे
14.02.2022

Tuesday, February 10, 2026

#अल्फ़ाज़_दिलसे / डॉ लाल थदानी

            1.  *कसक*
रिश्तों में कहीं न कहीं रह जाती है कसक,
जो ज़ुबाँ कह न सके, बन जाती है कसक।
मुस्कुराते हुए भी अक्सर आँखें बता देती हैं,
हँसी के पीछे छुपी हुई यादों की है कसक।

किसी की बेपरवाही, किसी से बेइंतहा प्यार,
दोनों ही सूरतों में दिल को सताती है कसक।
टूटकर भी जो संभले, वही समझ पाया,
गिरने के बाद भी भीतर रह जाती है कसक।

कभी अपनों की दूरी, कभी ख़ुद से शिकवा, कोई न कोई टीस मन को जगाती है कसक।
वक़्त मरह़म भी है और वक़्त ज़ख़्म भी,
भरते घावों के साथ रह जाती है कसक।

हमने शिद्दत से निभाया, वो निभा न पाए,
अधूरी चाहतों से जन्म लेती है कसक।
अल्फ़ाज़ थक जाते हैं जब दर्द कहने में,
तब ख़ामोश निगाहें कह जाती है कसक।

लाल इतना ही सीखा है ज़िंदगी से अब तक,
जीना सिखा देती है दिल में दबी हुई कसक।

डॉ लाल थदानी
#अल्फ़ाज़_दिलसे
14.11.2025


           2.    *नया साल*
नया साल आया है, लाए उजियार,
प्यार की राहें हों, दिल में गुलज़ार ।
छोड़ो कल की बातें8 कड़वी यादें,
नया साल लाया है खुशियाँ अपार।

हर सुबह नई होगी, हर रात नई होगी,
छोटी मोटी नाराज़गी भूलता जा यार ।
नई उम्मीदें, नए सपने तुम्हें ही सजाने है,
अवसाद, घुटन, तनाव का करो तिरस्कार ।

न दुखाओ दिल ना किसी से खिलवाड़,
दाव पेंच में ज़िंदगी तेरी ही होगी बेज़ार ।
साल बदलता रहेगा, यादें भुलाना दुश्वार,
शुक्राना करता था, रंज बैर से कर इंकार।

गहरे समुद्र में कितने भी तू चला पतवार,
तेरे भीतर अदृश्य शक्ति ही करेगी नैया पार।
डराएगी आँधी, डगमगाएगी हर एक धार,
खुद पर भरोसा खोलेगा, उन्नति के नए द्वार।

डॉ लाल थदानी
#अल्फ़ाज़_दिलसे
01.01.2026

           3.   *मेरा परिचय*

मेरा परिचय क्या है
मैं खुद से ही अपरिचित क्यों हूं
दर्पण में जो चेहरा दिखता है
भीतर के सच से छिपित क्यों हूँ ।

मैं खुद को छू सकता हूँ
मैं खुद को महसूस कर सकता हूँ
धड़कनों की भाषा जान सकता हूँ
फिर भी असहज विचलित क्यों हूँ ।

मुझमें इतना सामर्थ्य नहीं
फिर भी हर संकट से लड़ जाता हूँ
सांसों में शक्ति भरपूर है
सपना के प्रति विचलित क्यों हूं ।

डॉ लाल थदानी
#अल्फ़ाज़_दिलसे
23.01.2026


   4.   *आओ मुकम्मल करें ख़्वाब*

भूली बिसरी याद सुनो फ़रियाद,
मेरे जज़्बात हैं दिल से अल्फ़ाज़।
वो चाँदनी रात और तुम मेरे साथ,
आधा था चंद्रमा आधी रही बात।
आओ मुकम्मल करें ख़्वाब।

हुए क्या नाराज़ दर्द हुए बेहिसाब,
बीते लम्हें मेरी धरोहर, है सौगात।
सूखी आँखें , तड़पत दिन और रात,
अश्क़ बह निकले बनके जज़्बात
आओ मुकम्मल करें ख़्वाब।

सूनी पड़ी सारी महफ़िलें आज,
कब होगी पहली जैसी मुलाक़ात।
तुम मेरी दुनिया, तुम मेरी परवाज़,
मेरी क़ायनात, ग़ज़ल और आफ़ताब।
आओ मुकम्मल करें ख़्वाब।

तुम बिन कहाँ होश-ओ-हवास,
टूट रही साँसे, लरज़ते कदमात,
बस तुम्हीं से आबाद मेरे जज़्बात,
भीड़ में अकेले में तेरे ही ख़यालात।
आओ मुकम्मल करें ख़्वाब।

— ✍🏻 डॉ. लाल थदानी
#अल्फ़ाज़_दिलसे
05.02.2022

       5.  *कुटिल इरादे*

किस बात पे हम रूठे थे
क्यों हो न सकी वो बात।
मुड़कर जो देखता हूं
कोई नहीं बस ख़ामोश साथ।

मीठे ज़हर से जिनके जज़्बात
नज़दीक रहकर लगाये दा़ग।
मुस्कान भी चुभने लगी थीं
मासूमियत मगर लाज़वाब।

कागज़, कलम, दवात, अल्फ़ाज़
वेदना _संवेदना, खुशी_ग़म, जज़्बात।
खट्टी मीठी यादों की मेरी सौगात
अनूठा संग्रह, ये दिल का आग़ाज़।

हर पन्ने पे अपनों का हिसाब
मेरी सांसें करती जिन्हें याद
अब मेरी हमराज़ मेरे ख़्वाब
तजु़र्बों से भरी मेरी किताब

फिर भी मेरी हर दुआ में
निकला बस उनका ही राग।
मासूम चेहरे कुटिल इरादे
बडे़ खौफ़नाक और बेहिसाब़।

डॉ लाल थदानी
#अल्फ़ाज़_दिलसे


02.09.2024


Wednesday, January 14, 2026

#मकरसंक्रांति और #लोहड़ी की बधाई

आओ ज़िंदगी की पतंग उड़ाएँ,
खुले गगन में सपने सजाएँ।
भिन्न रंगों की संस्कृति दिखलाएँ,
हर दिल में प्रेम की डोर बँधाएँ।

#मकरसंक्रांति और #लोहड़ी की 
बधाई और शुभकामनाएं ।


डॉ लाल थदानी                                        #अल्फ़ाज़_दिलसे                                       8005529714